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bikaner, rajasthan, India
या रब तूं मुझको ऐसा जीने का हुनर दे, मुझ से मिले जो इंसा उस को मेरा कर दे.

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7/25/2010

ग़ज़ल


हर पल की तुम बात न पूछो
कैसे गुजरी रात न पूछो

बाहर सब कुछ सूखा-सूखा
अन्दर की बरसात न पूछो

दुनिया से तो जीत रहा हूँ
खुद से खुद की बात न पूछो

जिस को सुन के पछताओगे
तुम मुझसे वो बात न पूछो

साहिल पे ही डूब गए हो
कैसे थे हालात न पूछो

मिलता है '' इरशाद'' सभी से 
उस से उसकी जात न पूछो